स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा: वार्ड-50 में 70 घरों तक पहुंचा जागरूकता अभियान, चार तरह के कचरे की दी जानकारी

 

स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा: वार्ड-50 में 70 घरों तक पहुंचा जागरूकता अभियान, चार तरह के कचरे की दी जानकारी

 

 रोशनी पांडे प्रधान संपादक 

 

*स्वच्छ हल्द्वानी, स्वस्थ हल्द्वानी*

 

*स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के छठे दिन वार्ड 50 में घर-घर पहुंचा स्वच्छता जागरूकता अभियान*

 

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चल रहे *”स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2026″* के क्रम में आज सेवा पखवाड़े के छठे दिन नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम द्वारा वार्ड संख्या-50 में विशेष स्रोत पर कचरा पृथक्करण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।

 

यह अभियान *नगर आयुक्त, नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम परितोष वर्मा* के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया।

 

*70 घरों में डोर-टू-डोर किया गया संपर्क:*

मुकानी क्षेत्र के अंतर्गत मित्रापुरम कॉलोनी एवं दयाल विहार कॉलोनी में लगभग 70 घरों में डोर-टू-डोर संपर्क कर नागरिकों को कचरे के सही पृथक्करण एवं उसके उचित निस्तारण के प्रति जागरूक किया गया

अभियान के दौरान बैंणी सेना एवं संबंधित टीम द्वारा घर-घर जाकर नागरिकों को समझाया गया कि कचरे को घर से ही अलग-अलग रखना स्वच्छता व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। नागरिकों को *SWM Rules-2026* के अनुरूप कचरे के चार प्रमुख वर्गों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

 

*अभियान के दौरान कचरे के चार प्रकारों के बारे में दी गई जानकारी:*

 

*1. गीला कचरा (हरा डस्टबिन):*

रसोई से निकलने वाला बचा हुआ भोजन, फल एवं सब्जियों के छिलके, खराब फल-सब्जियां, फूल-पत्तियां आदि गीले कचरे में शामिल हैं। इसे अलग रखकर जैविक खाद बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

 

*2. सूखा कचरा (नीला डस्टबिन):*

प्लास्टिक, बोतलें, कागज, गत्ता, पुराने कपड़े, रबर, कांच एवं धातु जैसी वस्तुओं को सूखा एवं अलग रखा जाना चाहिए, ताकि उन्हें पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए भेजा जा सके।

 

*3. सैनिटरी एवं डायपर कचरा (लाल डस्टबिन):*

सैनिटरी नैपकिन, डायपर, इनकॉन्टिनेंस पैड, बैंडेज एवं शरीर के संपर्क में आई रुई आदि को अन्य कचरे से अलग रखना आवश्यक है। नागरिकों को इन्हें अखबार या सुरक्षित लिफाफे में अच्छी तरह लपेटकर कचरा संग्रहण वाहन को देने के बारे में जानकारी दी गई।

 

*4. विशेष देखभाल योग्य / हानिकारक कचरा (काला डस्टबिन):*

एक्सपायरी दवाइयां, सीएफएल, ट्यूबलाइट, बैटरियां, पेंट के डिब्बे, रसायनों की बोतलें एवं इलेक्ट्रॉनिक कचरा आदि को सामान्य कचरे से अलग रखना चाहिए और निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से सुरक्षित निस्तारण हेतु देना चाहिए।

 

अभियान के दौरान नागरिकों से विशेष रूप से अपील की गई कि जब कचरा संग्रहण वाहन उनके घर पहुंचे तो चारों प्रकार के कचरे को आपस में मिलाकर न दें, बल्कि स्रोत पर पृथक्करण के अनुसार अलग-अलग कचरा ही वाहन को सौंपें। टीम द्वारा सैनिटरी एवं हानिकारक कचरे की सुरक्षित पैकिंग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।

 

अभियान के दौरान वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी *डॉ. सी. एस. टोलिया जी*, बैंणी सेना परियोजना प्रबंधक *श्री मनोज नेगी जी*, एसबीएम टीम से *श्री मनीष पांडे जी*, पीएमयू टीम से *श्री पंकज द्विवेदी जी* तथा वार्ड संख्या-50 की बैंणी सेना टीम उपस्थित रही। सभी सदस्यों ने नागरिकों से संवाद कर स्वच्छता में सक्रिय भागीदारी निभाने हेतु प्रेरित किया।

 

*नगर आयुक्त ने कहा* कि स्रोत पर कचरे का सही पृथक्करण करने से न केवल शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलती है, बल्कि पुनर्चक्रण की प्रक्रिया आसान होती है, जैविक कचरे से खाद तैयार की जा सकती है और हानिकारक कचरे के कारण होने वाले स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय जोखिम को कम किया जा सकता है।स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए केवल नगर निगम की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं है। हर घर की भागीदारी ही *स्वच्छ एवं स्वस्थ हल्द्वानी* की मजबूत नींव है।

इसके साथ ही जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

 

 

*“कचरा अलग करें, जिम्मेदारी निभाएं और स्वच्छ हल्द्वानी बनाएं।”*